यदि कोई पुलिस अधिकारी किसी व्यक्ति को गिरफ्त्तार कर ले, तो इसकी जानकारी गिरफ्तार व्यक्ति के मित्र या रिश्तेदार को देनी चाहिए या नहीं?|| If a police officer arrested any person, it's information should be given to the friend or relative of the arrested any

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यदि कोई पुलिस अधिकारी किसी व्यक्ति को गिरफ्त्तार कर ले, तो इसकी जानकारी गिरफ्तार व्यक्ति के मित्र या रिश्तेदार को देनी चाहिए या नहीं? || Police Procedure for arresting someone

Police Procedure for Arresting Someone- इसका जवाब हां में है, कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस को गिरफ्तारी का अधिकार है, और यदि पुलिस किसी व्यक्ति (जिसने अपराध किया है,या कानून का उल्लंघन किया है, या करने वाला है) को गिरफ्तार कर ले, तो यह आवश्यक है कि पुलिस इसकी जानकारी गिरफ्तार व्यक्ति के मित्र परिजन व करीबियों व रिश्तेदारों को देगा | दण्ड प्रक्रिया संहिता में पुलिस अधिकारी द्वारा गिरफ्तारी के नियम व अधिकार दिए गये है, जिनका पालन करना अनिवार्य है |

गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी के कर्त्तव्य

इन्ही नियमो के आधार पर पुलिस अधिकारी उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने से पहले यह निश्चित करेगा कि उसने उस व्यक्ति को क्यों गिरफ्तार किया है, क्योकि बिना किसी कारण के किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करना उसके अधिकारों का उल्लंघन माना जायेगा|

पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ करने से पहले अपना सही पद स्पष्ट पहचान व नाम बताना अनिवार्य है, जिस पुलिस अफसर ने पूछताछ की है उनका नाम एक अन्य रजिस्टर में दर्ज किया जाता है| 

दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 41ख के अनुसार पुलिस अधिकारी गिरफ्तारी का ज्ञापन (अरेस्ट मेमो) तैयार करेगा, पुलिस अधिकारी का कर्त्तव्य है, कि कम से कम एक साक्षी द्वारा जो गिरफ्तार किये गये व्यक्ति के परिवार का सदस्य है या जहा गिरफ्तारी की गयी है, उस मोहल्ले के किसी सम्माननीय सदस्य द्वारा अनुप्रमाणित किया जायेगा, यदि ऐसा नहीं हो सके तो उसके परिवार या किसी परिचित को फ़ोन, समन, या डाक द्वारा सूचित करेगा कि अमुक व्यक्ति गिरफ्तार है |

गिरफ्तार व्यक्ति का अधिकार (article 22(1) of indian constitution and Section 41 D of Crpc) 

दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 41घ व संविधान के अनुच्छेद 22(1) के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति को अपनी पसंद के अधिवक्ता से परामर्श करने का मौलिक अधिकार प्रदान है|

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आदेश का पालन ना करने वाले पुलिस अफसर पर कार्यवाही 

सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी के आदेशो की अवहेलना करने पर पुलिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच व अदालत की अवमानना की कार्यवाही की जा सकती है, जिसके लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 ग (Section 41 C of Crpc) के अनुसार राज्य सरकार प्रत्येक जिलो में राज्य स्तर पर एक पुलिस नियंत्रण कक्ष स्थापित करती है, जिस पर गिरफ्तार किये गये व्यक्तियों के नाम, पते, तथा गिरफ्तारी करने वाले पुलिस अधिकारियो के नाम तथा पदनाम प्रदर्शित होते है, और पुलिस कंट्रोल रूम में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की सुचना पुलिस अफसर द्वारा 12 घंटे के अन्दर देनी होती है| यह कंट्रोल रूम में नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट दर्ज होना चाहिए|

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